अल फलाह यूनिवर्सिटी का कमरा नंबर 13 (जहां मुजम्मिल गनाई रहता था) और उमर उन नबी के कमरा नंबर 4 से बरामद सबूत एक सुनियोजित आतंकी साजिश की ओर इशारा करते हैं। नोटबुक और डायरियां कोडित संदर्भों, नामों और नंबरों से भरी थीं जिन पर 8 से 12 नवंबर की तारीखें लिखी थीं।
दिल्ली में बम धमाका करने वाले आतंकी डॉ. उमर के साथ जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद (जीयूएच) से जुड़े तीन आतंकी 2022 में तुर्किये गए थे। वहां अंकारा में उनकी मुलाकात हैंडलर उकासा से हुई। टेलीग्राम एप पर शुरू हुई बातचीत बाद में सिग्नल और सेशन पर स्थानांतरित हो गई। इसी दौरान साजिश रची, जिनमें गाड़ियों में आईईडी से धमाके शामिल थे।

