रामपुर के सिविल लाइंस थाने में दर्ज भड़काऊ भाषण मामले में कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में सपा नेता आजम खां को बरी कर दिया। यह मामला 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान एसडीएम सदर पीपी तिवारी की तहरीर पर दर्ज हुआ था।
सिविल लाइंस थाने में छह साल पहले सपा नेता आजम खां पर दर्ज भड़काऊ भाषण के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। मंगलवार को हुई सुनवाई में साक्ष्य के अभाव में आजम खां को बरी कर दिया है।
2019 के लोकसभा चुनाव में तत्कालीन एसडीएम सदर पीपी तिवारी की ओर से सपा नेता आजम खां के खिलाफ भड़काऊ भाषण का मामला दर्ज कराया गया था। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन था। इस मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से अंतिम बहस पूरी हो चुकी थी।

